हरी मटर
दालें और फलियाँ

पोषण की मुख्य बातें

उबला हुआबीजबिना नमक का
प्रति
(80g)
4.12gप्रोटीन
11.41gकुल कार्बोहाइड्रेट
0.22gकुल वसा
ऊर्जा
62.4 kcal
आहारीय फाइबर
12%3.6g
थायमिन (B1)
18%0.23mg
विटामिन K (फाइलोक्विनोन)
16%19.2μg
फोलेट
11%47.2μg
मैंगनीज
9%0.22mg
विटामिन ए (RAE)
9%84μg
कॉपर
9%0.08mg
विटामिन सी
8%7.92mg
नियासिन (B3)
7%1.18mg

हरी मटर

परिचय

हरी मटर, जिसे वैज्ञानिक रूप से Pisum sativum के रूप में जाना जाता है, फलियों के परिवार का एक अत्यंत लोकप्रिय और पोषक तत्वों से भरपूर सदस्य है। ये छोटे, हरे बीज न केवल स्वाद में मीठे होते हैं, बल्कि अपनी बहुमुखी प्रतिभा के कारण दुनिया भर की रसोई में एक विशेष स्थान रखते हैं। अपनी जीवंत उपस्थिति और प्राकृतिक मिठास के कारण, हरी मटर किसी भी भोजन में ताजगी जोड़ने के लिए जानी जाती है।

मटर को अक्सर उनकी कोमलता और चमकीले हरे रंग के आधार पर पहचाना जाता है, जो वसंत के आगमन का प्रतीक माने जाते हैं। भारत में, सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मटर का मिलना एक उत्सव जैसा होता है, जहाँ लोग इसे सीधे फली से छीलकर खाना पसंद करते हैं। इसके विभिन्न प्रकार, जैसे कि मीठी मटर और स्नैप मटर, इसे सलाद से लेकर मुख्य व्यंजनों तक के लिए एक शानदार विकल्प बनाते हैं।

पाक उपयोग

हरी मटर का उपयोग करना बेहद सरल और संतोषजनक है, चाहे आप इसे उबालकर, भाप में पकाकर या भूनकर उपयोग करें। ताजी मटर को बहुत कम समय तक पकाने से उनका रंग और बनावट बरकरार रहती है, जिससे वे कुरकुरी और स्वादिष्ट बनी रहती हैं। इन्हें अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर या सूप में डालकर इनका उपयोग करना एक आम पाक तकनीक है।

इनका हल्का मीठा स्वाद मसालों और जड़ी-बूटियों के साथ बहुत अच्छी तरह मेल खाता है। भारतीय व्यंजनों में, मटर का उपयोग आलू-मटर, मटर पनीर और मटर पुलाव जैसे लोकप्रिय व्यंजनों में मुख्य सामग्री के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, मटर का उपयोग स्टू, पास्ता और सलाद में बनावट और स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।

आजकल, मटर का उपयोग आधुनिक व्यंजनों में भी तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ लोग इन्हें स्वस्थ नाश्ते के रूप में या सैंडविच और डिप्स बनाने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके स्वाद को निखारने के लिए अदरक, लहसुन और ताजे धनिए का उपयोग करना एक बेहतरीन संयोजन है, जो हर बार एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।

पोषण और स्वास्थ्य

हरी मटर आहार फाइबर और विटामिन के का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर के पाचन स्वास्थ्य और हड्डियों की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फाइबर की भरपूर मात्रा के कारण, यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करती है, जो वजन प्रबंधन के लिए एक उपयोगी गुण है।

इसके अलावा, मटर विटामिन बी समूह, विशेष रूप से थायमिन और फोलेट से भरपूर होती है, जो ऊर्जा चयापचय में सहायता करते हैं और थकान को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में योगदान देते हैं। इन पोषक तत्वों का तालमेल इसे एक समग्र स्वास्थ्य वर्धक खाद्य पदार्थ बनाता है, जो दैनिक आहार में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

इतिहास और उत्पत्ति

मटर के इतिहास की जड़ें मध्य पूर्व और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में खोजी जा सकती हैं, जहाँ से इनका प्रसार दुनिया भर में हुआ है। मानव सभ्यता के शुरुआती कृषि इतिहास में मटर सबसे पुरानी फसलों में से एक रही है, जिसे हजारों वर्षों से उगाया और उपयोग किया जा रहा है।

मध्य युग तक, सूखी मटर यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में आहार का मुख्य आधार बन गई थी, क्योंकि इन्हें लंबे समय तक संग्रहीत करना आसान था। समय के साथ, कृषि तकनीकों में सुधार और विभिन्न किस्मों के विकास ने आज की मीठी और कोमल हरी मटर को जन्म दिया है, जो दुनिया भर में भोजन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गई है।

ऐतिहासिक रूप से, मटर का उपयोग केवल भोजन के रूप में ही नहीं, बल्कि आनुवंशिकी के अध्ययन में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। प्रसिद्ध वैज्ञानिक ग्रेगर मेंडल ने अपने आनुवंशिकी के प्रयोगों के लिए मटर के पौधों का उपयोग किया था, जिसने आधुनिक जीव विज्ञान की नींव रखने में मदद की।