स्नैप मटर
फ्रोजन और उबले हुएसब्ज़ियाँ

पोषण की मुख्य बातें

उबला हुआफलियाँबिना नमक का
प्रति
(160g)
5.6gप्रोटीन
14.43gकुल कार्बोहाइड्रेट
0.61gकुल वसा
ऊर्जा
83.2 kcal
आहारीय फाइबर
17%4.96g
विटामिन K (फाइलोक्विनोन)
40%48.32μg
विटामिन सी
39%35.2mg
पैंटोथेनिक एसिड (B5)
27%1.37mg
आयरन
21%3.84mg
मैंगनीज
19%0.45mg
विटामिन बी6
16%0.28mg
कॉपर
15%0.14mg
राइबोफ्लेविन (B2)
14%0.19mg

स्नैप मटर

परिचय

स्नैप मटर, जिन्हें अक्सर शुगर स्नैप पीज़ भी कहा जाता है, अपनी कुरकुरी बनावट और मीठे स्वाद के लिए बागवानी और पाक कला दोनों में विशेष स्थान रखते हैं। यह एक अनोखी किस्म है जहाँ पूरी फली ही खाद्य और रसीली होती है, जिससे यह साधारण मटर की तुलना में अधिक बहुमुखी बन जाती है। इनका नाम इनके टूटने या चटकने की विशिष्ट ध्वनि से आया है, जो इनकी ताजगी और उच्च गुणवत्ता का संकेत देती है।

इनकी खेती मुख्य रूप से ठंडे मौसम में की जाती है, और ये वसंत ऋतु के आते ही ताजी हरी सब्जियों में से एक के रूप में दिखाई देने लगते हैं। चमकदार हरी और फुली हुई फली के भीतर छोटे, मुलायम दाने होते हैं जो स्वाद में मिठास का एक अनूठा अनुभव प्रदान करते हैं। बाजार में इनका चुनाव करते समय चमकीली और बिना किसी दाग-धब्बे वाली फली को चुनना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि यही इनकी उच्च गुणवत्ता को दर्शाती है।

पाक उपयोग

स्नैप मटर का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इन्हें कच्चा, हल्का उबाला हुआ या बहुत कम आंच पर पकाकर खाया जा सकता है। इनकी कुरकुराहट बनाए रखने के लिए इन्हें भाप में पकाना (स्टिमिंग) या बहुत कम पानी में हल्का उबालना सबसे अच्छा तरीका है, जिससे इनका रंग और स्वाद बरकरार रहता है। आप इन्हें सलाद में सीधे काटकर डाल सकते हैं, जो भोजन में एक ताजगी भरा और कुरकुरापन जोड़ देता है।

इनका हल्का मीठा स्वाद लहसुन, अदरक, तिल और हल्के सॉस के साथ बहुत अच्छी तरह से मेल खाता है, जिसके कारण ये स्टिर-फ्राई व्यंजनों में बेहद लोकप्रिय हैं। इन्हें पास्ता, नूडल्स या सूप में अंतिम समय पर शामिल करने से डिश का पोषण और बनावट दोनों बेहतर हो जाती है। इनका उपयोग स्नैक्स के रूप में किसी भी डिप के साथ करना एक बहुत ही स्वस्थ और संतोषजनक विकल्प माना जाता है।

पोषण और स्वास्थ्य

स्नैप मटर विटामिन सी, विटामिन के और आयरन के एक उत्कृष्ट स्रोत के रूप में जाने जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें मौजूद विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, जबकि विटामिन के का पर्याप्त स्तर हड्डियों के घनत्व और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, इनमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और तृप्ति का अनुभव दिलाने में मदद करती है।

यह सब्जी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और फाइबर का एक अनूठा संतुलन प्रदान करती है, जो ऊर्जा मेटाबॉलिज्म में सहायक है। इनमें विभिन्न प्रकार के बी-विटामिन जैसे फोलेट और पैंटोथेनिक एसिड भी मौजूद होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और ऊर्जा के उत्पादन के लिए जरूरी हैं। इनका नियमित सेवन हृदय स्वास्थ्य और स्वस्थ रक्त प्रवाह को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।

इतिहास और उत्पत्ति

स्नैप मटर का इतिहास काफी दिलचस्प है, माना जाता है कि इनका विकास 20वीं सदी के मध्य में संयुक्त राज्य अमेरिका में स्नो पी और गार्डन पी के संकरण (हाइब्रिडाइजेशन) के माध्यम से हुआ था। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ऐसी मटर विकसित करना था जिसमें स्नो पी की खाने योग्य फली हो, लेकिन साथ ही गार्डन पी की तरह अधिक मांसल और मीठे दाने भी हों।

इस नई किस्म के विकास के बाद, इसने बहुत जल्दी वैश्विक पाक जगत में अपनी जगह बना ली क्योंकि यह न केवल स्वादिष्ट थी बल्कि इसे तैयार करना भी बहुत आसान था। आज, ये दुनिया भर में रसोई का एक अभिन्न अंग बन चुकी हैं, जिसे आधुनिक कृषि विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जाता है। इनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इनका वह अनूठा गुण है जिसके कारण खाना पकाने की प्रक्रिया में बहुत कम मेहनत और समय की आवश्यकता होती है।